How to decorate the house?

घर को कैसे सजाएं ?

एक सुन्दर सजा हुआ घर हमें मानसिक रूप से संतुलित रखता है और यह हमारे परिवार के व्यक्तित्व को भी दर्शाता है | इंटीरियर डिज़ाइन विशेषज्ञ तीन बातों को दिमाग में रखकर घर को सजाने की सलाह देते है  - कार्य , मनोदशा तथा  व्यक्तित्व |

घरों को पेंट करने से पहले तथा सुव्यवस्थित करने से पहले इस बात पर सोचना चाहिए कि आपका परिवार और आप कैसे रहते है | आसपास के घरों  से  वस्तुओँ के बारें में जानकारी एकत्र करें जिससे आपको अच्छा लगता है |

1.      कार्य :

घर या कमरे को सिर्फ आँखों को अच्छा लगने के लिए नहीं सजाया जाता बल्कि यह कमरे को आपके लिए कार्य करे इसलिए इसे सजाया जाता है | इसके करने के निम्नलिखित उपाय हैं | 

·        केंद्र बिंदु :

कभी कभी कमरे में प्राकृतिक केंद्र बिंदु होता है जहाँ पर आपकी नजर तुरंत चली जाती है | यदि किसी कमरे में ऐसा नहीं है तो उसे रंगों तथा कलाकृतियों से इस तरह का केंद्र बिंदु बनाना चाहिए | केंद्र बिंदु आपकी अपनी जरूरत के  बनाया जाता है जैसे किताबों की अलमारी या फिर बच्चों के खेलने की जगह | बच्चों के लिए खिड़की |

·        फर्नीचर :

 यह किसी कमरे की सजावट का सबसे महत्वपूर्ण भाग होता है | यह आपकी तथा कमरे की जरूरत के अनुसार न तो बड़ा होना चाहिए न छोटा होना चाहिए | यदि ऐसा है तो उसे बेचकर नया फर्नीचर लेकर आइए | फर्नीचर के अंतर्गत बिस्तर अलमारी टेबल लैंप इत्यादि आते हैं | 

 

·        प्रकाश :

प्रकाश आपकी तथा कमरे की जरूरत के हिसाब चुनना चाहिए | हर तरह के  कार्य के लिए एक निर्धारित प्रकाश की  जरूरत होती है | 

क्र. 

स्थान

कार्यशैली 

प्रकाश (LUX)

1

रसोईघर

सामान्य

150-200

काउंटर

250-400

2

बैडरूम

सामान्य

100-200

कार्यक्षेत्र

300-400

3

स्नानागार

सामान्य

100-200

कार्यक्षेत्र

300-400

4

बैठक

सामान्य

100-200

कार्यक्षेत्र

300-400

5

TV वाला कमरा

सामान्य

150-400

6

भोजन कक्ष , 

सामान्य

100-200

 

2.      मूड :

अपने मूड के हिसाब से कमरे का  मजमून तय करना चाहिए जैसे संगीत कक्ष , अध्ययन कक्ष | हमें हमेशा हमारी जरूरत के हिसाब से प्रेरणादायक सजावट करनी चाहिए | 

·        प्रेरणा स्त्रोत :

सजावटी तकिया किसी मैगज़ीन का चित्र , पेंटिंग फूलों के गुलदस्ते , एक सुन्दर घड़ी इत्यादि प्रेरणा के स्त्रोत हो सकते है | 

 

·        विषय :

जैसे वनस्पति बाग़ जिसमें अलग अलग वस्तुओं को अलग अलग उपमा दी जा सकती है जैसे फूलों के नाम : - सबसे प्यारी वस्तु को  गुलाब या  कुछ और | 

 

·        रंग :

रंग विषय को दर्शना चाहिए | सामान्य तौर पर 3 तरह के रंगो का प्रयोग करना चाहिए | प्रभावी रंग - दीवार पर लगाना चाहिए , गौण रंग - कारपेट तथा कपड़ों का होना चाहिए , एक्सेंट रंग - जो हमारे अंदर ऊर्जा का प्रभाव करते है | 

3.      व्यक्तित्व :

 अपने व्यक्तित्व को परिभाषित करने के लिए कई  तरीके अपनाये जा सकते है | जैसे ख़ास फोटोफ्रेम , ख़ास पेंटिंग तथा गुलदस्ते छत पर ख़ास तरह की दीवारों से अलग इत्यादि | 

Home decoration refers to the art and science of making an internal and external space more attractive and functionally useful for its residents.

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